पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 27 नक्षत्रों में पच्चीसवाँ नक्षत्र है और कुंभ 20°00′ से मीन 3°20′ तक फैला है। इसका ग्रह-स्वामी गुरु (बृहस्पति) है, इसलिए जन्म के समय चंद्रमा यहाँ हो तो विंशोत्तरी दशा गुरु (बृहस्पति) की महादशा से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 16 वर्ष है। इसके अधिष्ठाता देवता अज एकपाद हैं, प्रतीक खाट के आगे के पाये है, और चारों चरणों के नामाक्षर से, सो, दा, दी हैं।
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का संदर्भ विवरण
- संस्कृत नाम
- पूर्वा भाद्रपद
- क्रम
- 27 में 25
- निरयन विस्तार
- कुंभ 20°00′ से मीन 3°20′
- राशि
- कुंभ और मीन
- ग्रह-स्वामी (विंशोत्तरी)
- गुरु (बृहस्पति) — 16 वर्ष की दशा
- अधिष्ठाता देवता
- अज एकपाद
- प्रतीक
- खाट के आगे के पाये
- गण
- मनुष्य
- योनि
- सिंह, नर
- नाड़ी
- आदि
- मुहूर्त वर्ग
- उग्र
- नामाक्षर
- से, सो, दा, दी
चारों चरण
| चरण | विस्तार | नवांश | नामाक्षर |
|---|---|---|---|
| 1 | कुंभ 20°00′–23°20′ | मेष | से |
| 2 | कुंभ 23°20′–26°40′ | वृषभ | सो |
| 3 | कुंभ 26°40′–30°00′ | मिथुन | दा |
| 4 | मीन 0°00′–3°20′ | कर्क | दी |
विस्तार मानक 27 भाग वाले निरयन विभाजन पर आधारित है (हर नक्षत्र 13°20′, हर चरण 3°20′)। स्वामी विंशोत्तरी क्रम के अनुसार हैं; गण, योनि, नाड़ी और नामाक्षर सामान्य अवकहड़ा चक्र से लिए गए हैं। क्षेत्रीय पंचांगों में प्रतीक और अक्षरों की वर्तनी कभी-कभी भिन्न होती है।
पूर्वा भाद्रपद के देवता, प्रतीक और अर्थ
पूर्वा भाद्रपद, यानी ‘पहले शुभ चरण’, के अधिष्ठाता अज एकपाद हैं — एक पैर वाला अज, रुद्र और अव्यक्त से जुड़ा रहस्यमय रूप। इसका प्रतीक खाट के आगे के पाये हैं, और कभी-कभी दो मुख वाली आकृति। परंपरा इसे तीव्रता, आदर्शवाद, तप और सांसारिक व आध्यात्मिक लक्ष्यों के बीच प्रबल खिंचाव से पढ़ती है। यह कुंभ और मीन में फैला है।
जन्म कुंडली में पूर्वा भाद्रपद
जन्म के समय चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद में हो तो यही आपका जन्म नक्षत्र है — इसी से नामाक्षर, विंशोत्तरी दशा का क्रम और कुंडली मिलान तय होते हैं। पूर्वा भाद्रपद का स्वामी गुरु (बृहस्पति) है और यह कुंभ और मीन में स्थित है, इसलिए फल पढ़ते समय गुरु (बृहस्पति) के साथ राशि-स्वामी (शनि और गुरु) को भी देखा जाता है। लग्न या कोई अन्य ग्रह पूर्वा भाद्रपद में हो तो वही प्रतीक उस पर लागू होता है, पर फल उस ग्रह के बल, भाव और दृष्टियों पर निर्भर करता है; नक्षत्र किसी स्थिति को सूक्ष्म बनाता है, उसे पलटता नहीं।
मुहूर्त: पूर्वा भाद्रपद किन कामों के लिए चुना जाता है
मुहूर्त ग्रंथों में यह उग्र नक्षत्र है, जिसे परंपरागत रूप से शुभ आरंभ के बजाय दृढ़ता या सामना करने वाले कामों के लिए रखा जाता है। इसे विवाह के लिए नहीं चुना जाता, और यह पंचक में भी आता है। पूरा मुहूर्त फिर भी तिथि, वार, स्थानीय सूर्योदय और व्यक्तिगत कुंडली देखता है, इसलिए केवल नक्षत्र से तारीख तय नहीं होती।
कुंडली मिलान में गण, योनि और नाड़ी
पूर्वा भाद्रपद का गण मनुष्य, योनि सिंह, नर और नाड़ी आदि है। अष्टकूट गुण मिलान में ये तीनों गण कूट (6 अंक), योनि कूट (4 अंक) और नाड़ी कूट (8 अंक) में जाते हैं — कुल 36 में से 18 अंक। ये दोनों व्यक्तियों के जन्म नक्षत्रों की तुलना करते हैं, इसलिए अकेले किसी व्यक्ति का वर्णन नहीं करते, और किसी एक कूट में कम अंक को फैसला नहीं, पूरी कुंडली के संदर्भ में तौला जाता है।
आपकी कुंडली में इसका क्या अर्थ है
पूर्वा भाद्रपद का सामान्य विवरण यह नहीं बता सकता कि आपकी कुंडली में वहाँ कौन सा ग्रह है, वह किस भाव का स्वामी है या कौन सी दशा चल रही है। अपनी मुफ़्त कुंडली बनाकर देखें कि पूर्वा भाद्रपद आपके लिए कहाँ पड़ता है, फिर उसी स्थिति के बारे में AI ज्योतिषी से पूछें — इस पेज को निजी भविष्यवाणी न मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन है?+
विंशोत्तरी पद्धति में पूर्वा भाद्रपद का स्वामी गुरु (बृहस्पति) है। यदि आपका चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद में है तो दशा क्रम गुरु (बृहस्पति) से शुरू होता है, जिसकी पूरी अवधि 16 वर्ष है; जन्म के समय शेष अवधि इस पर निर्भर करती है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?+
चारों चरणों के अक्षर क्रम से से, सो, दा, दी हैं — हर चरण का एक। चरण जन्म के समय चंद्रमा की सटीक डिग्री से तय होता है, इसलिए जन्म समय से पता चलता है कि कौन सा अक्षर लागू है; बहुत से परिवार चारों को ही उपलब्ध मानते हैं।
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र किस राशि में है?+
पूर्वा भाद्रपद कुंभ 20°00′ से मीन 3°20′ तक फैला है। राशि की सीमा पार करने के कारण इसमें जन्मे दो लोगों की चंद्र राशि अलग हो सकती है; चरण से पता चलता है कि कौन सी।
क्या पूर्वा भाद्रपद शुभ या अशुभ नक्षत्र है?+
कोई भी नक्षत्र अपने आप में शुभ या अशुभ नहीं होता। मुहूर्त ग्रंथ पूर्वा भाद्रपद को उग्र नक्षत्र मानते हैं, जो बताता है कि यह परंपरागत रूप से किस प्रकार के काम के लिए उपयुक्त है — इसमें जन्मे व्यक्ति का मूल्य नहीं। फल वहाँ स्थित ग्रह, उसके भाव और चल रही दशा पर निर्भर करता है।
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मेरी कुंडली में पूर्वा भाद्रपद के बारे में पूछेंज्योतिष का मार्गदर्शन आत्म-चिंतन और स्वयं को समझने के लिए है। इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें।