विषय 1
अपनी जन्म कुंडली से शुरुआत करें
भविष्यवाणी से पहले लग्न, चंद्र राशि, ग्रहों और 12 भावों को समझें।
सही जन्म तिथि, स्थानीय समय और स्थान दें। समय ज्ञात न हो तो मन से न भरें।
टूल देखें →ज्ञान
नक्षत्रों और कुंडली के आधारभूत तत्वों को स्पष्ट, संदर्भपूर्ण भाषा में समझें।
सीखने का क्रम
वैदिक ज्योतिष में गणना और पारंपरिक व्याख्या दो अलग चरण हैं। पहले जन्म-विवरण या शहर के आधार पर तथ्यात्मक गणना देखें, फिर उसका संदर्भ समझें। कोई भी गणना जीवन की घटना की गारंटी नहीं है।
विषय 1
भविष्यवाणी से पहले लग्न, चंद्र राशि, ग्रहों और 12 भावों को समझें।
सही जन्म तिथि, स्थानीय समय और स्थान दें। समय ज्ञात न हो तो मन से न भरें।
टूल देखें →विषय 2
नौ ग्रहों की दशा अवधि और जन्म नक्षत्र से शुरुआती दशा कैसे तय होती है, समझें।
120 साल की सामान्य दशा-सारणी और व्यक्तिगत गणना से निकली तारीखों का अंतर समझें।
अंग्रेज़ी मार्गदर्शिका · टूल देखें →विषय 3
सिर्फ कुल अंक नहीं, अष्टकूट के आठों गुणों को देखें। दक्षिण भारतीय पोरुथम अलग पद्धति है।
दोनों के जन्म विवरण जाँचें; अंकों को विवाह का अंतिम निर्णय न मानें।
टूल देखें →विषय 4
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जानें; शहर के अनुसार समय बदलने का कारण समझें।
अपना सही शहर चुनें; सूर्योदय पर आधारित समय हर स्थान पर समान नहीं होते।
टूल देखें →विषय 5
जानें कि सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार दिन-रात के समयखंड अलग क्यों होते हैं।
तारीख और शहर चुनें; यह पारंपरिक मार्गदर्शन है, निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं।
अंग्रेज़ी मार्गदर्शिका · टूल देखें →विषय 6
जन्म नक्षत्र, पारंपरिक नाम के अक्षर और दशा से जुड़े चंद्र-नक्षत्रों की मूल बातें जानें।
अश्विनी से शुरुआत करें और बाकी प्रकाशित नक्षत्र मार्गदर्शिकाएँ पढ़ें।
टूल देखें →जन्म का समय न पता हो तो बिना पुष्टि किए कोई समय न भरें। शहर आधारित पंचांग के लिए अपना वास्तविक स्थान चुनें।