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कृत्तिका नक्षत्र

कृत्तिका 27 नक्षत्रों में तीसरा नक्षत्र है और मेष 26°40′ से वृषभ 10°00′ तक फैला है। इसका ग्रह-स्वामी सूर्य है, इसलिए जन्म के समय चंद्रमा यहाँ हो तो विंशोत्तरी दशा सूर्य की महादशा से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 6 वर्ष है। इसके अधिष्ठाता देवता अग्नि हैं, प्रतीक उस्तरा या अग्निशिखा है, और चारों चरणों के नामाक्षर अ, इ, उ, ए हैं।

कृत्तिका नक्षत्र का संदर्भ विवरण

संस्कृत नाम
कृत्तिका
क्रम
27 में 3
निरयन विस्तार
मेष 26°40′ से वृषभ 10°00′
राशि
मेष और वृषभ
ग्रह-स्वामी (विंशोत्तरी)
सूर्य — 6 वर्ष की दशा
अधिष्ठाता देवता
अग्नि
प्रतीक
उस्तरा या अग्निशिखा
गण
राक्षस
योनि
मेष (भेड़), मादा
नाड़ी
अंत्य
मुहूर्त वर्ग
मिश्र
नामाक्षर
अ, इ, उ, ए

चारों चरण

चरणविस्तारनवांशनामाक्षर
1मेष 26°40′–30°00′धनु
2वृषभ 0°00′–3°20′मकर
3वृषभ 3°20′–6°40′कुंभ
4वृषभ 6°40′–10°00′मीन

विस्तार मानक 27 भाग वाले निरयन विभाजन पर आधारित है (हर नक्षत्र 13°20′, हर चरण 3°20′)। स्वामी विंशोत्तरी क्रम के अनुसार हैं; गण, योनि, नाड़ी और नामाक्षर सामान्य अवकहड़ा चक्र से लिए गए हैं। क्षेत्रीय पंचांगों में प्रतीक और अक्षरों की वर्तनी कभी-कभी भिन्न होती है।

कृत्तिका के देवता, प्रतीक और अर्थ

कृत्तिका आकाश का प्रसिद्ध तारा-पुंज (प्लीएडीज़) है और इसके देवता अग्नि हैं। पौराणिक कथा में छह कृत्तिकाओं ने बालक स्कंद का पालन किया, इसीलिए उन्हें कार्तिकेय भी कहा जाता है। उस्तरे और अग्निशिखा का साझा भाव है अनावश्यक को काटकर अलग करना, इसलिए कृत्तिका को स्पष्टता, ऊँचे मानक, सीधी बात और शुद्ध या परिष्कृत करने के साहस से पढ़ा जाता है।

जन्म कुंडली में कृत्तिका

जन्म के समय चंद्रमा कृत्तिका में हो तो यही आपका जन्म नक्षत्र है — इसी से नामाक्षर, विंशोत्तरी दशा का क्रम और कुंडली मिलान तय होते हैं। कृत्तिका का स्वामी सूर्य है और यह मेष और वृषभ में स्थित है, इसलिए फल पढ़ते समय सूर्य के साथ राशि-स्वामी (मंगल और शुक्र) को भी देखा जाता है। लग्न या कोई अन्य ग्रह कृत्तिका में हो तो वही प्रतीक उस पर लागू होता है, पर फल उस ग्रह के बल, भाव और दृष्टियों पर निर्भर करता है; नक्षत्र किसी स्थिति को सूक्ष्म बनाता है, उसे पलटता नहीं।

मुहूर्त: कृत्तिका किन कामों के लिए चुना जाता है

मुहूर्त ग्रंथों में यह मिश्र नक्षत्र है, जो नियमित कामों और अग्नि से जुड़ी गतिविधियों के लिए उपयुक्त है, पर बड़े नए उद्यम के लिए मिश्रित माना जाता है। अग्नि से संबंध के कारण यह हवन, रसोई या धातुकर्म जैसे अग्नि से जुड़े कामों के लिए स्वाभाविक पसंद है। पूरा मुहूर्त फिर भी तिथि, वार, स्थानीय सूर्योदय और व्यक्तिगत कुंडली देखता है, इसलिए केवल नक्षत्र से तारीख तय नहीं होती।

कुंडली मिलान में गण, योनि और नाड़ी

कृत्तिका का गण राक्षस, योनि मेष (भेड़), मादा और नाड़ी अंत्य है। अष्टकूट गुण मिलान में ये तीनों गण कूट (6 अंक), योनि कूट (4 अंक) और नाड़ी कूट (8 अंक) में जाते हैं — कुल 36 में से 18 अंक। ये दोनों व्यक्तियों के जन्म नक्षत्रों की तुलना करते हैं, इसलिए अकेले किसी व्यक्ति का वर्णन नहीं करते, और किसी एक कूट में कम अंक को फैसला नहीं, पूरी कुंडली के संदर्भ में तौला जाता है।

आपकी कुंडली में इसका क्या अर्थ है

कृत्तिका का सामान्य विवरण यह नहीं बता सकता कि आपकी कुंडली में वहाँ कौन सा ग्रह है, वह किस भाव का स्वामी है या कौन सी दशा चल रही है। अपनी मुफ़्त कुंडली बनाकर देखें कि कृत्तिका आपके लिए कहाँ पड़ता है, फिर उसी स्थिति के बारे में AI ज्योतिषी से पूछें — इस पेज को निजी भविष्यवाणी न मानें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी कौन है?+

विंशोत्तरी पद्धति में कृत्तिका का स्वामी सूर्य है। यदि आपका चंद्रमा कृत्तिका में है तो दशा क्रम सूर्य से शुरू होता है, जिसकी पूरी अवधि 6 वर्ष है; जन्म के समय शेष अवधि इस पर निर्भर करती है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।

कृत्तिका नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?+

चारों चरणों के अक्षर क्रम से अ, इ, उ, ए हैं — हर चरण का एक। चरण जन्म के समय चंद्रमा की सटीक डिग्री से तय होता है, इसलिए जन्म समय से पता चलता है कि कौन सा अक्षर लागू है; बहुत से परिवार चारों को ही उपलब्ध मानते हैं।

कृत्तिका नक्षत्र किस राशि में है?+

कृत्तिका मेष 26°40′ से वृषभ 10°00′ तक फैला है। राशि की सीमा पार करने के कारण इसमें जन्मे दो लोगों की चंद्र राशि अलग हो सकती है; चरण से पता चलता है कि कौन सी।

क्या कृत्तिका शुभ या अशुभ नक्षत्र है?+

कोई भी नक्षत्र अपने आप में शुभ या अशुभ नहीं होता। मुहूर्त ग्रंथ कृत्तिका को मिश्र नक्षत्र मानते हैं, जो बताता है कि यह परंपरागत रूप से किस प्रकार के काम के लिए उपयुक्त है — इसमें जन्मे व्यक्ति का मूल्य नहीं। फल वहाँ स्थित ग्रह, उसके भाव और चल रही दशा पर निर्भर करता है।

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यह सामान्य संदर्भ है; AI ज्योतिषी उत्तर देने से पहले आपकी गणना की हुई कुंडली पढ़ता है।

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