मुफ़्त टूल
दोष कैलकुलेटर
अपनी जन्म कुंडली से मांगलिक, कालसर्प, साढ़े साती और पितृ दोष देखें।
दोष का अर्थ केवल एक विशेष ग्रह-स्थिति है, जिसे शास्त्र ध्यान से पढ़ने को कहते हैं। कोई भी दोष आपका जीवन तय नहीं करता। नीचे दिया हर टूल सरल भाषा में बताता है कि वह स्थिति क्या कहती है, और जहाँ परंपरा में उपाय हैं वहाँ वे भी बताता है।
मांगलिक दोष
मंगल आपके निकट संबंधों को कितना प्रभावित करता है।
अब देखें →कालसर्प दोष
सभी ग्रह राहु–केतु अक्ष के एक ही ओर हैं या नहीं।
अब देखें →शनि साढ़े साती
आपका वर्तमान शनि चरण, पूरी अवधि तालिका के साथ।
अब देखें →पितृ दोष
सूर्य और नवम भाव से मिलने वाले पितृ संबंधी संकेत।
अब देखें →दोष का अर्थ, उपाय और विवाह से जुड़े प्रश्न
हर दोष की सरल व्याख्या — शास्त्रीय नियम, परंपरा में उसका अर्थ, और वे अपवाद जो अक्सर लागू होते हैं।
मांगलिक दोष
पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल — इसका अर्थ और इसे रद्द करने वाली स्थितियाँ।
कालसर्प दोष
राहु-केतु अक्ष के एक तरफ़ सारे ग्रह — नियम, प्रकार और छूटें।
साढ़े साती
आपके चंद्रमा पर शनि का साढ़े सात साल का गोचर — तीन चरण और उनका अर्थ।
पितृ दोष
सूर्य, राहु और नवम भाव से जुड़े पैतृक संकेत — दोष नहीं, कर्तव्य के रूप में पढ़ा गया।
नाड़ी दोष
कुंडली मिलान का आठ अंकों वाला नाड़ी कूट — नियम और उसके कई अपवाद।
भकूट दोष
राशि-दूरी पर आधारित कूट — सात अंक, और वे अपवाद जो अधिकतर लागू होते हैं।
अपनी कुंडली के बारे में गुरु से पूछें।
AI गुरु के साथ अपने सवालों पर शांति से विचार करें। आपका विवेक और संबंधित लोगों से बातचीत महत्वपूर्ण हैं।
गुरु से पूछेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ये दोष जाँच वाकई मुफ़्त हैं?+
हाँ — चारों कैलकुलेटर मुफ़्त हैं, न लॉगिन ज़रूरी है और न कोई सीमा। केवल विस्तृत PDF रिपोर्ट के लिए शुल्क है।
इसके लिए कौन-सी जानकारी चाहिए?+
जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान। एक बार भरने के बाद साइट का हर टूल वही सहेजी गई जानकारी इस्तेमाल करता है।
क्या दोष से डरना चाहिए?+
नहीं। दोष कुंडली के अनेक संकेतों में से एक है, और परंपरा उसे पूरी कुंडली के साथ ही पढ़ती है। इसीलिए हमारी भाषा जानबूझकर शांत रखी गई है।
गणना कैसे होती है?+
ग्रह-स्थितियाँ आपके दिए गए जन्म विवरण से, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पेशेवर वैदिक गणना इंजन से आती हैं।
तैयार और संचालित: AskJeevanGuru वैदिक शोध एवं संपादकीय डेस्क.
ज्योतिष का मार्गदर्शन आत्म-चिंतन और स्वयं को समझने के लिए है। इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें।
यह परिणाम कैसे निकाला गया — लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश से निरयन ग्रह स्थिति, फिर पारंपरिक नियम, फिर लिखित व्याख्या। हर परत अलग से चिह्नित है।