India · Asia/Kolkata

कोलकाता का आज का पंचांग

कोलकाता के स्थानीय समय के अनुसार 22 अक्टू॰ 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया। मुफ़्त।

कोलकाता का पंचांग भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार आज की तारीख़ दिखाता है। कोलकाता भारत के समान समय है। नीचे दी गई सभी अवधि कोलकाता के सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाली गई हैं।

स्थानीय तिथि2026-10-22
समय क्षेत्रAsia/Kolkata (GMT+5:30)
वारगुरुवार
तिथिएकादशी
नक्षत्रशतभिषा
योगवृद्धि
करणविष्टि
सूर्योदय05:36
सूर्यास्त17:07
राहु काल12:48 – 14:14
अभिजित मुहूर्त10:58 – 11:45

दिन का चौघड़िया

  • Shubh05:36 – 07:03
  • Rog07:03 – 08:29
  • Udveg08:29 – 09:55
  • Chal09:55 – 11:22
  • Labh11:22 – 12:48
  • Amrit12:48 – 14:14
  • Kaal14:14 – 15:41
  • Shubh15:41 – 17:07

रात का चौघड़िया

  • Amrit17:07 – 18:41
  • Chal18:41 – 20:15
  • Rog20:15 – 21:48
  • Kaal21:48 – 23:22
  • Labh23:22 – 00:56
  • Udveg00:56 – 02:29
  • Shubh02:29 – 04:03
  • Amrit04:03 – 05:37

आने वाले व्रत और त्योहार

  • Gauna Papankusha Ekadasi2026-10-22
  • Papankusha Ekadasi2026-10-22
  • Vaishnava Papankusha Ekadasi2026-10-22

त्योहारों की तिथियाँ भारतीय पंचांग के दिन के अनुसार हैं। जहाँ त्योहार स्थानीय सूर्योदय से माना जाता है, वहाँ इस शहर में तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

कोलकाता में पंचांग के समय अन्य भारतीय शहरों से अलग क्यों हैं

पंचांग के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — सूर्य और चंद्र की स्थिति से बनते हैं, पर उनका "दिन" स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है। कोलकाता भी भारतीय मानक समय का उपयोग करता है, लेकिन स्थानीय सूर्योदय के कारण मुहूर्त का समय दूसरे शहरों से अलग होता है।

कोलकाता का अक्षांश-देशांतर भारत के अन्य शहरों से भिन्न है, इसलिए सूर्योदय के कुछ मिनट के अंतर से राहु काल और चौघड़िया भी बदल जाते हैं।

Asia/Kolkata क्षेत्र में डेलाइट सेविंग लागू नहीं है, इसलिए वर्ष भर ऑफसेट स्थिर रहता है।

इन समयों का उपयोग कैसे करें

राहु काल दिनमान के आठ बराबर भागों में से एक है और वार के अनुसार बदलता है — नया कार्य, खरीद या यात्रा प्रारंभ इस अवधि में टाला जाता है।

अभिजित मुहूर्त मध्याह्न के आसपास का छोटा शुभ काल है, जो सूर्योदय-सूर्यास्त के बीच के समय को पंद्रह भागों में बाँटकर निकाला जाता है।

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं।

इस शहर के लिए मुफ़्त टूल

अन्य शहरों का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता का पंचांग किस समय के अनुसार है?+

कोलकाता के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) के अनुसार, जो भारत के समान समय है। तिथि भी यहाँ के कैलेंडर दिन की है।

कोलकाता में राहु काल कैसे निकाला जाता है?+

यहाँ के सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है और वार के अनुसार एक भाग राहु का होता है। कोई अनुमान नहीं — यह गणना है।

क्या त्योहार की तिथि भारत जैसी ही रहेगी?+

अधिकतर त्योहार भारतीय पंचांग दिन के अनुसार बताए जाते हैं। जहाँ व्रत स्थानीय सूर्योदय से माना जाता है, वहाँ कोलकाता में तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है — इसीलिए हम दोनों बात स्पष्ट रूप से बताते हैं।

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तैयार और संचालित: AskJeevanGuru वैदिक शोध एवं संपादकीय डेस्क.

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